Monday, January 17, 2011

आज पुरानी राहों से तुम फिर से मुझे आवाज दो,
कह दो कि तुम मेरी हो...मेरी गीतों को आवाज दो,
दुनिया के ढोंगी रस्मों को..आगे बढ़ो..और तोड़ दो,
इतिहास नया हम लिखेंगे..विश्वास करो..सब छोड़ दो!

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