Wednesday, December 19, 2012

खूब हो रहा भारत निर्माण,
वहशी बनता हिंदुस्तान,
नारी का करता अपमान,
क्या फिर भी अपना देश महान??...:(

Saturday, November 10, 2012

ख़ुदा से ख़ैर माँगा तो मुझे रुसवाई उसने दी ...
पलट कर चाह मांगी तो मुझे तन्हाई उसने दी ...
दुआ के वास्ते सजदे में मैंने सर झुकाया तो ...
अहम् का बोध देकर फिर मुझे ख़ुदाई उसने दी!!

Thursday, June 21, 2012


सदियों की तमन्ना यूँ बेज़ार न होती...
ग़र वो चिलमन गिरा कर यूँ शरमाए न होते...
उनके तस्सवुर में जीने की ख्वाईश न होती...
ग़र वो नैनों से यूँ मुस्कुराये न होते...