अनजाने चेहरों में हमसफ़र ढूंढता हूँ,
अनजानी राहों में मंज़िल ढूंढता हूँ,
कभी सोचता हूँ भटकता हुआ मैं,
अकेले में ये आखिर मैं क्या ढूंढता हूँ!
Monday, January 17, 2011
आज पुरानी राहों से तुम फिर से मुझे आवाज दो,
कह दो कि तुम मेरी हो...मेरी गीतों को आवाज दो,
दुनिया के ढोंगी रस्मों को..आगे बढ़ो..और तोड़ दो,
इतिहास नया हम लिखेंगे..विश्वास करो..सब छोड़ दो!
कह दो कि तुम मेरी हो...मेरी गीतों को आवाज दो,
दुनिया के ढोंगी रस्मों को..आगे बढ़ो..और तोड़ दो,
इतिहास नया हम लिखेंगे..विश्वास करो..सब छोड़ दो!
Thursday, January 13, 2011
मतवाली सी,भोली सी आँखें,
उठती हैं ....झुक जाती हैं ,
उठ कर जीने की हसरत देती,
झुक कर रुसवा कर जाती हैं ।
Wednesday, January 12, 2011
जन्नत तक जाने का जिसने सपना था दिखलाया ,
दुनिया में अव्वल आने कि तड़पन जिसने था भर पाया ,
उस कर्मठ को,उस निश्छल को, दुनिया ने आज नकार दिया !
क्या ये उसकी गलती थी जो उसने स्वदेश से प्यार किया !
दुनिया में अव्वल आने कि तड़पन जिसने था भर पाया ,
उस कर्मठ को,उस निश्छल को, दुनिया ने आज नकार दिया !
क्या ये उसकी गलती थी जो उसने स्वदेश से प्यार किया !
Tuesday, January 04, 2011
डूबते हुए को नदी का किनारा चाहिए,
रुकी हुई लहरों को हवाओं का इशारा चाहिए,
ज़िन्दगी एक दिन सबकी करवट लेती है ,
हारने पर उसे भी किसी के कंधे का सहारा चाहिए !
रुकी हुई लहरों को हवाओं का इशारा चाहिए,
ज़िन्दगी एक दिन सबकी करवट लेती है ,
हारने पर उसे भी किसी के कंधे का सहारा चाहिए !
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