जिताने के पहले हरा रही है जिंदगी !
सोने की तरह चमकाना है ना मुझको,
तभी चमकाने के पहले तपा रही है जिंदगी !
राहें जितनी कठिन हों,रुकेगा नही ये राहगीर,
हौसला हो दिल में तो खिंचती पत्थर पर लकीर |
चाहे जैसी भी खींची हो, तूने किस्मत की लकीर
लडूंगा इतना कि तू ही बदलेगा मेरी तक़दीर |
हाथों में किस्मत की लकीरें नही हैं,
चाहत है दिल में, जुबां पे नही है,
अरमान हैं जो दिल में, उनको दिखलाऊं कैसे?
किस्मत की लकीरें आखिर लाऊँ कैसे?