अक्षरशः सत्य...
Tuesday, November 24, 2009
सफलता के पहले तरसा रही है जिंदगी,
जिताने के पहले हरा रही है जिंदगी !
सोने की तरह चमकाना है ना मुझको,
तभी
चमकाने
के
पहले
तपा
रही
है
जिंदगी
!
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