अक्षरशः सत्य...
Tuesday, January 04, 2011
डूबते हुए को नदी का किनारा चाहिए,
रुकी हुई लहरों को हवाओं का इशारा चाहिए,
ज़िन्दगी एक दिन सबकी करवट लेती है ,
हारने पर उसे भी किसी के कंधे का सहारा
चाहिए !
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