Wednesday, August 19, 2009

रास्तों के काटें हमें चलना सीखातें हैं|
राहों के फूल हमें आराम पहुँचातें हैं|
फूल मिले उन्हें जो किस्मत के धनी है|
काटों पर चले वो,जो कर्मठ है, ज्ञानी है|

3 comments:

  1. जो लिखा है वही जीवन की सच्चाई है। लेकिन ऐसा क्यों है इसका जवाब किसी के पास नहीं है

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  2. great, welcome to Hindi blogosphere

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  3. चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है..... शुरुआत किजिये पाठक बहुत है।
    http://humsafar-tarana.blogspot.com/

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